
Swaminarayan history नीलकंठ वर्णी का असली नाम – घनश्याम पांडे। अन्य नाम – भगवान स्वामीनारायण या सहजानंद स्वामी, वर्णीराज। जन्म तिथि – 3 अप्रैल 1781. जन्म स्थान– अयोध्या के पास गोंडा ज़िले के छपिया ग्राम में, उत्तरप्रदेश। मृत्यू तिथि – 1 जून 1830. मृत्यू स्थान– गढ़ादा ( Gujarat ). पिता का नाम– श्री हरि प्रसाद […]
Swaminarayan history
नीलकंठ वर्णी (nilkanth varni full story) अथवा स्वामीनारायण का जन्म उत्तरप्रदेश के ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनका नामकरण इनके माता-पिता द्वारा किया गया। 5 वर्ष कि आयु से ही इनकी शिक्षा दीक्षा शुरू हो गई। 11 वर्ष कि आयु में जनेऊ धारण कर ली।शास्त्र अध्ययन में बचपन से ही गहरी रुचि थी। मात्र 11 साल कि उम्र में कई मुख्य शास्त्रों का अध्ययन कर लिया।छोटी सी उम्र में माता पिता का साया उठ गया।
कहते हैं कि भाई से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया और ये विरक्त हो गए। स्वामीनारायण अर्थात् घनश्याम पांडे ने घर त्याग कर भारत दर्शन के लिए निकल पड़े। यहीं से नीलकंठ वर्णी की कहानी या फिर नीलकंठ वर्णी की कथा या फिर नीलकंठ वर्णी का जीवन चरित्र का शुभारम्भ हुआ।
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